Physics Class 10 Manav Netra Subjective Question Answer In Hindi
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Physics Class 10 Manav Netra Subjective Question Answer
कुछ Important One-Linner Question मानव नेत्र तथा रंगबिरंगा संसार Notes In Hindi For Upcoming Matric Exam.
- मानव नेत्र या आंख एक अद्भुत प्रकृति प्रदत प्रकाशीय यंत्र है
- मानव नेत्र या आंख लगभग गोलीय होता है
- आंख के गोले को नेत्रगोलक कहते हैं
- नेत्र गोलक की सबसे बाहरी परत सफेद मोटे अपारदर्शी चमड़े की होती है श्वेत पटल कहते हैं
- नेत्रगोलक का अगला कुछ उभरा हुआ भाग पारदर्शी होता है जिसे कॉर्निया कहते हैं
- नेत्र का रंगीन भाग परितारिका या आयरिस होता है
- मानव नेत्र उत्तल लेंस की भांति कार्य करता है
- नेत्रदान में नेत्र का कॉर्निया दान किया जाता है
- हमारे नेत्र का व्यास लगभग 2.3cm होता है
- किसी वस्तु का प्रतिबिंब मानव नेत्र के रेटिना पर वास्तविक, उल्टा एवं छोटा बनता है
- नेत्र गोलक की सबसे भीतरी सुक्ष्मग्राही को दृष्टीपटल या रेटिना कहते हैं
- कॉर्निया और नेत्र-लेंस के बीच का भाग जलीय द्रव या नेत्रोद से भरा होता है
- नेत्र में प्रवेश करने वाली प्रकाश की मात्रा को परितारिका या आयरिस की सहायता से घटाया बढ़ाया जा सकता है
- कम प्रकाश होने पर पुतली फैलती है और अधिक प्रकाश होने पर पुतली सिकुड़ जाती है
- कैमरे में जो काम डाइफ्राम का होता है नेत्र में वही काम पुतली का होता है
मानव नेत्र तथा रंगबिरंगा संसार Notes In Hindi
Q1. नेत्र की समंजन क्षमता से आप क्या समझते हैं?
उतर:- वस्तु दूर रहे या निकट हम उसे साफ-साफ देखते हैं | आँख ऐसा अपने लेंस की फोकस दूरी को बदलकर करता है यह परिवर्तन सिलियरी पेशियों के तनाव के घटते-बढ़ने से होता है
Q2.स्पस्ट दर्शन की न्यूनतम दूरी किसे कहते हैं ?
उतर:- जिस न्यूनतम दूरी तक आप वस्तु को साफ-साफ देख सकता है, उसे स्पष्ट दृष्टि की न्यूनतम दूरी कहते हैं| इसे D से सूचित किया जाता है | सामान्य नेत्र के लिए यह दूरी 25cm होती है|
- दूर बिंदु और निकट बिंदु के बीच की दूरी को दृष्टि-परास कहा जाता है।
- एक सामान्य नेत्र के लिए स्पष्ट -दर्शन की अधिकतम दूरी अनंत होती है
Q3. दृष्टि दोष किसे कहते हैं ? ये कितने प्रकार के होते हैं ?
उतर:- कई कारणों से नेत्र बहुत दूर स्थित या निकट स्थित वस्तुओं का स्पष्ट प्रतिबिंब रेटिना पर बनाने की क्षमता खो देता है ऐसे कमी दृष्टि दोष कहलाती है
मानव नेत्र में दृष्टि दोष मुख्यतः तीन प्रकार के होते हैं:-
- निकट दृष्टि दोष
- दूर दृष्टि दोष
- जरा दूरदर्शिता
Class 10 Science Subjective Question In Hindi
1. निकट दृष्टि दोष – जिस नेत्र में निकट दृष्टि दोष होता है वह दूर स्थित वस्तुओं को स्पष्ट नहीं देख सकता है उसके लिए दूर बिंदु अनंत ना होकर नेत्र के निकट कोई बिंदु आ जाता है|
निकट दृष्टि दोष होने के कारण:-
→ नेत्र गोलक का लंबा हो जाना अर्थात नेत्र लेंस को रेटिना के बीच की दूरी का बढ़ जाना है
→ नेत्र लेंस का आवश्यकता से अधिक मोटा हो जाना जिससे उसकी फोकस दूरी कम हो जाएगा
2. दूर दृष्टि दोष – जिस नेत्र में दूर दृष्टि दोष होता है वह निकट स्थित वस्तुओं को स्पष्ट नहीं देख पाता है | उसके लिए निकट बिंदु 25cm दूर पर ना होकर नेत्र से अधिक दूरी पर किसी बिंदु N पर होता है
दूर दृष्टि दोष होने के कारण :-
→ नेत्र गोलक का छोटा हो जाना अर्थात नेत्र लेंस और रेटिना के बीच की दूरी का कम हो जाना
→ आवश्यकता से अधिक पतला हो जाना जिससे उसकी फोकस दूरी का बढ़ जाना
3. जरा -दूरदर्शिता – उम्र बढ़ने के साथ वृध्दावस्था में नेत्र लेंस की लचक कम हो जाने पर और सिलियरी मांसपेशियों की समंजन क्षमता घट जाने के कारण यह दोष उत्पन्न होता है | इसमें आंख के निकट बिंदु के साथ- साथ दूर बिंदु भी प्रभावित होता है और व्यक्ति निकट दृष्टि दोष और दूर दृष्टि दोष दोनों से पीड़ित हो सकता है
»» निकट दृष्टि दोष में अवतल लेंस का, दूर दृष्टि दोष में उत्तल लेंस का और जरा दृष्टि-दोष में बायफोकल(द्वि- फोकसी) लेंस का उपयोग किया जाता है
मानव नेत्र तथा रंगबिरंगा संसार प्रश्न उत्तर In Hindi
Q4. तारे हमें टिमटिमाते प्रतीत क्यों होते हैं ?
उत्तर – जब हम तारों को देखते हैं तो उन की चमक घटती-बढ़ती प्रतीत होती है और तब हम कहते हैं कि तारें टिमटिमा रहे हैं तारों की चमक में यह घट बढ़ वायुमंडल की असमानता के कारण होती है | पृथ्वी का वायुमंडल शांत कभी नहीं होता गर्म तथा ठंडी हवाओं की धाराएं हमेशा बहती रहती है | ठंडी हवा की अपेक्षा गर्म हवा का घनत्व और अपवर्तनांक कम होता है इसलिए तारों से प्रेक्षक तक पहुंचने वाली किरणें वायुमंडल के अपवर्तनांक में होकर जाती है और हमें तारे टिमटिमाते प्रतीत होते हैं
Q5. तारे टिमटिमाते हैं परंतु चंद्रमा तथा ग्रह नहीं टिमटिमाते क्यों ?
उत्तर – हम जानते हैं कि तारों की तुलना में चंद्रमा तथा ग्रह पृथ्वी के बहुत निकट है | फल रूप, तारों को प्रकाश का लगभग बिंदु- स्रोत समझा जा सकता है, जबकि चंद्रमा या ग्रह फैला हुआ अर्थात विस्तृत पिंड जैसा होता है | इसलिए चंद्रमा या ग्रह से आती किरणों में वायुमंडलीय घट बढ़ के कारण हुआ थोड़ा विचलन मालूम नहीं पड़ता है|
Q6. वर्ण विक्षेपण किसे कहते हैं ?
उत्तर – श्वेत प्रकाश के इनके विभिन्न रंगों में विभक्त होने की घटना को प्रकाश का वर्ण- विक्षेपण कहते हैं
→ विभिन्न रंगों के प्रकाश की चाल कांच में विभिन्न होती है
→ लाल रंग का तरंगधैर्य सबसे अधिक और बैगनी रंग का तरंगधैर्य सबसे कम होता है
→ प्रकाश के तरंगधैर्य का एक मात्रक ऐग्सट्रम है | 1 A° = 10-10m
Q7. इंद्रधनुष किसे कहते हैं ?
उत्तर – वर्षा होने के बाद जब सूरज चमकता है और हम सूर्य की ओर पीठ करके खड़े होते हैं तो हमें कभी-कभी आसमान में अर्धवृत्त के आकार की रंगीन पट्टी दिखाई पड़ती है | इस अर्धवृत्त के आकार की रंगीन पट्टी को हम इंद्रधनुष कहते हैं
Q8. इंद्रधनुष कैसे बनता है ?
उत्तर – असंख्य वर्षा की बूंदे प्रिज्म-सा व्यवहार करती है और सूर्य के श्वेत प्रकाश को उसके सातों रंगों में विभक्त कर देती है और हमें इंद्रधनुष दिखाई पड़ने लगता है
कक्षा 10 विज्ञान का मानव नेत्र तथा रंगबिरंगा संसार लघु उत्तरीय प्रश्न उत्तर
Q9. प्रकाश का प्रकीर्णन किसे कहते हैं ?
उत्तर – किसी कण पर पड़कर प्रकाश के एक अंश के विभिन्न दिशाओं में छितराने को प्रकाश का प्रकीर्णन कहते हैं |
Q10. कोलाइड किसे कहते हैं ?
उत्तर – किसी माध्यम में छोटे-छोटे कणों के निलंबन को कोलाइड कहा जाता है
→ दूध एक कोलाइड है जिसमें छोटे छोटे वसा के कण जल में निलंबित है
→ धुँआ भी एक कोलाइड है जिसमें राख के कण हवा में निलंबित रहते हैं
Q11. आकाश का रंग नीला प्रतीत क्यों होता है ?
उत्तर – सूर्य का प्रकाश जब वायुमंडल से होकर गुजरता है, तो उसका वायुमंडल में गैसों के अणुओं,पानी की बूंदों, धूलकणों आदि से प्रकीर्णन होता है | इनमें सबसे सूक्ष्म कण गैस के अणु होते हैं जो नीले रंग को अधिक प्रकिर्णित करते हैं यही प्रकिर्णित प्रकाश हमारी आंखों तक पहुंचता है और इसलिए हमें आकाश का रंग नीला प्रतीत होता है
Q12. अंतरिक्ष यात्री को आकाश का रंग काला क्यों दिखाई पड़ता है ?
उत्तर- चंद्रमा पर वायुमंडल नहीं होता है इसलिए चंद्रमा पर खड़े अंतरिक्ष यात्री को आकाश काला प्रतीत होता है | वहां वायुमंडल नहीं होने के कारण प्रकीर्णन नहीं हो पाता है
Q13. टिंडल प्रभाव किसे कहते हैं ?
उत्तर- किसी कोलाइडी विलियन में निलंबित कणों से प्रकाश के प्रकीर्णन को टिंडल प्रभाव कहा जाता है
Q14. सूर्योदय के समय सूर्य रक्तताप क्यों प्रतीत होता है ?
उत्तर : सूर्य उदय के समय सूर्य क्षितिज के पास होता है जहाँ से आने वाले प्रकाश को वायुमंडल की मोटी परतों से होकर गुजरना पड़ता है तथा अधिक दूरी तय करनी पड़ती है नीले तथा कम तंरगदैर्ध्य के प्रकाश का अधिकांश भाग कणों द्वारा प्रकीर्णित हो जाता है, और सिर्फ अधिक तरंग दैर्ध्व वाले प्रकाश जैसे लाल रंग ही हम तक पहुँचता है। अतः सूर्य रक्ताभ, प्रतीत होता है।
Q15. रेलवे के सिग्नल का प्रकाश लाल रंग का ही क्यों होता है ?
उत्तर – ‘खतरे’ के संकेत (सिग्नल) का प्रकाश लाल रंग का होता है। लाल रंग कुहरा या धुएँ से सबसे कम प्रकीर्ण होता है। इसलिए यह दूर से देखने पर भी यह लाल रंग का दिखाई देता है।
Q16. सामान्य नेत्र 25 सेमी० से निकट रखी वस्तुओं को सुस्पष्ट क्यों नहीं देख पाते?
उत्तर – 25 सेमी. की दूरी पर रखी वस्तुओं को आँख स्पष्ट रूप से देखता है लेकिन 25 सेमी से कम निकट रखी वस्तुओं का प्रतिबिम्ब दृष्टी पटल पर स्पस्ट रूप से नहीं बनता है | अत: मानव वस्तुओं को स्पस्ट रूप से नहीं देख पाता है
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Physics class 10 manav netra subjective question answer Hindi
Pattern Based | Bihar Board, Patna |
Class | 10th |
Subject | Class 10 Physics |
Subjective Type | Subjective Questions || 5 Marks |
Chapter Name | मानव नेत्र तथा रंगबिरंगा संसार |
Script | Hindi And English Medium |
Published On | Bihari Academy |
